अब नहीं जाएगा ‘एक बूंद’ बाहर! Ravi River पर India का मास्टरस्ट्रोक

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के प्रति अपना रुख और अधिक सख्त कर दिया। सुरक्षा मोर्चे पर कार्रवाई के साथ-साथ रणनीतिक फैसलों की एक श्रृंखला शुरू हुई। इन्हीं में सबसे बड़ा कदम रहा सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार और अब रावी नदी के पानी के पूर्ण उपयोग का निर्णय। जल कूटनीति अब सिर्फ फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखने लगी है।

Shahpur Kandi Dam: Game Changer Project

शाहपुर कंडी डैम का निर्माण अंतिम चरण में है और सरकार के अनुसार मार्च 2026 तक इसे पूरी तरह operational कर दिया जाएगा। अब तक रावी का एक बड़ा हिस्सा बिना उपयोग के पाकिस्तान की ओर बह जाता था। Infrastructure की कमी के कारण भारत अपने हिस्से के पानी का पूर्ण दोहन नहीं कर पा रहा था।

डैम के चालू होते ही यह स्थिति बदल जाएगी। Ravi river water अब domestic irrigation और regional development में उपयोग होगा।

32,000 Hectare को मिलेगा जीवन

इस परियोजना से जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों की लगभग 32 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पंजाब के किसानों को भी सीधा लाभ होगा।

जहां पहले बारिश पर निर्भरता थी, वहां अब regulated irrigation system होगा। इससे crop loss घटेगा और multi-cropping की संभावनाएं बढ़ेंगी।

पहले पानी क्यों जाता था पाकिस्तान?

रावी उन नदियों में शामिल है जिन पर भारत का पूर्ण अधिकार है। लेकिन storage और diversion infrastructure के अभाव में surplus water सीमा पार चला जाता था।

अब सवाल यह नहीं कि पानी किसका है सवाल यह है कि उसका इस्तेमाल कौन बेहतर करता है।

यह सिर्फ irrigation project नहीं है। जल संरक्षण मजबूत होगा। संभावित hydro power generation का रास्ता खुलेगा। Local employment बढ़ेगा। Border districts में economic stability आएगी। Water is the new strategic currency — और भारत अब उसे passive resource नहीं रहने देना चाहता।

पानी बहता रहा, राजनीति चलती रही। अब पानी रुकेगा तो बहस भी तेज होगी। Diplomacy की मेज पर जहां शब्द चलते हैं, वहां कभी-कभी नहरें ज्यादा असरदार साबित होती हैं।

South Asia में water politics नया विषय नहीं है। लेकिन infrastructure-driven assertion एक नया संकेत देता है भारत अब reactive नहीं, proactive strategy अपना रहा है।

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